महाराजा रणजीत सिंह प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के दो कैडेटों ने एएफसीएटी में देशभर में दूसरा और छठा स्थान हासिल किया; दोनों कैडेटों ने सीडीएस परीक्षा भी उत्तीर्ण की

महाराजा रणजीत सिंह प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के दो कैडेटों ने एएफसीएटी में देशभर में दूसरा और छठा स्थान हासिल किया; दोनों कैडेटों ने सीडीएस परीक्षा भी उत्तीर्ण की

Two cadets from the Maharaja Ranjit Singh Preparatory

Two cadets from the Maharaja Ranjit Singh Preparatory

* कैडेट सुखराज और जसनूर ने पंजाब का मान बढ़ाया : अमन अरोड़ा

चंडीगढ़, 3 जून : Two cadets from the Maharaja Ranjit Singh Preparatory, एक शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएएफपीआई), मोहाली के 10वें कोर्स के दो कैडेटों ने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (एएफसीएटी)-2 परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा और छठा स्थान प्राप्त किया है।

एक गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में जिला रूपनगर के एक सरकारी स्कूल शिक्षक के पुत्र सुखराज सिंह हीरा ने पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि पठानकोट के कैडेट जसनूर सिंह ने छठा स्थान हासिल करने में सफलता प्राप्त की।

उल्लेखनीय है कि दोनों कैडेट इस माह के अंत में प्रारंभ होने वाले कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस) पाठ्यक्रमों के लिए पहले ही चयनित हो चुके हैं। सीडीएस मेरिट सूची में जसनूर सिंह ने वायु सेना श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सुखराज सिंह हीरा ने सेना की मेरिट सूची में चौथा स्थान हासिल किया। एएफसीएटी और सीडीएस दोनों में इन प्रतिभाशाली युवाओं की दोहरी सफलता संस्थान द्वारा प्रदान किए गए कठोर प्रशिक्षण और सुव्यवस्थित मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

दोनों कैडेटों को बधाई देते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह उपलब्धि पंजाब के युवाओं की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प का स्पष्ट प्रमाण है। सुखराज और जसनूर ने पूरे राज्य का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार एमआरएसएएफपीआई तथा माई भागो एएफपीआई जैसी रक्षा प्रशिक्षण अकादमियों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले अधिक से अधिक युवा सशस्त्र बलों में कमीशन प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और देश सेवा का सपना देखने वालों को वर्दी पहनने का गौरव प्रदान करना है।

संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने दोनों कैडेटों की सराहना करते हुए बताया कि संस्थान के लगभग 24 कैडेटों को देशभर की विभिन्न प्रशिक्षण अकादमियों में शीघ्र प्रारंभ होने वाले पाठ्यक्रमों के लिए जॉइनिंग लेटर प्राप्त होने की प्रक्रिया जारी है।